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Ada Stringer が語った本

1 ~ 7(7 件) 件の検索結果
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  • Kamana Aur Vasna Ki Maryada (Hindi Self-help)

    कामना और वासना की मर्यादा

    कामना एवं वासना को साधारणतया बुरे अर्थों में लिया जाता है और इन्हें त्याज्य माना जाता है। किंतु यह ध्यान रखने योग्य बात है कि इनका विकृत रूप ही त्याज्य है। अपने शुद्ध स्वरूप में मनुष्य की कोई भी वृत्ति निंदनीय नहीं है, वरन एक प्रकार से आवश्यक और उपयोगी मानी जाती है। जीवन रक्षा और जीवन विकास के लिए कामना तथा इच्छा का होना अनिवार्य है। इनके बिना तो किसी में कुछ करने का उत्साह ही पैदा नहीं होगा और मन ... もっと見る

    312 円

  • Hariye Na Himmat (Hindi Self-help)

    हारिए न हिम्मत

    प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने लोगों को जीवन की कठिन परिस्थितियों में किस प्रकार के आचार-विचार की आवश्यकता है, इसे एक माह की डायरी के रूप में बताया है। इसे पढ़ कर सभी व्यक्ति लाभान्वित होंगे। ... もっと見る

    173 円

  • Santulit Jivan Ke Sutra (Hindi Self-help)

    संतुलित जीवन के सूत्र

    आज का मानव अत्यंत संत्रस्त जीवन जी रहा है अनेकानेक सुख-सुविधाओं के होते हुए भी मन में अनिष्ट के प्रति एक भय बना रहता है? जीवन की अधिकांश समस्याओं की जननी हमारी दुर्बुद्धि है। ऋषियों-मनीषियों की विचारधारा ही इनका समाधान प्रस्तुत करती है। इन उत्कृष्ट विचारों के सतत सान्निध्य में रहने हेतु स्वाध्याय एक कारगर उपाय है मन को संतुलित रखकर प्रसन्नता भरा जीवन जीने के व्यावहारिक सूत्रों को इस पुस्तक में सँज ... もっと見る

    312 円

  • Gayatri Aur Yagyopavit (Hindi Self-help)

    गायत्री और यज्ञोपवीत

    यज्ञोपवीत का उद्देश्य मानवीय जीवन में उस विवेक को जागृत करना होता है, जिससे वह अपने वर्तमान-भूत-भविष्य को सुखी और सम्पन्न बना सके। जो लोग अपना जीवन लहर में पड़े फूल-पत्तों की तरह अच्छी बुरी परिस्थितियों के साथ घसीटते रहते हैं वह कहीं भी हों, दुःखी ही रहते हैं; किन्तु हम जब प्रत्येक कार्य विचार और योजनाबद्ध तरीके से पूरा करते हैं तो भूलें कम होती हैं और हम अनेक संकटों से अनायास ही बच जाते हैं। ... もっと見る

    173 円

  • Kya Dharm? Kya Adharm? (Hindi Self-help)

    क्या धर्म? क्या अधर्म?

    धर्म और अधर्म का प्रश्न बड़ा पेचीदा है। जिस बात को एक समुदाय धर्म मानता है, दूसरा समुदाय उसे अधर्म घोषित करता है। इस पेचीदगी के कारण धर्म का वास्तविक तत्व जानने वाले जिज्ञासुओं को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। मानवीय बौद्धिक विकास के साथ-साथ 'क्यों और कैसे’ का बहुत प्राबल्य हुआ है। इस युग का मनुष्य सिर्फ इतने से ही संतुष्ट नहीं हो सकता कि अमुक पुस्तक में ऐसा लिखा है या अमुक व्यक्ति ने ऐसा कहा ह ... もっと見る

    444 円

  • Unnati Ke Teen Gun Char Charan (Hindi Self-help)

    उन्नति के तीन गुण चार चरण

    समस्त कठिनाइयों का एक ही उद्गम है मानवीय दुर्बुद्धि। जिस उपाय से दुर्बुद्धि को हटाकर सदबुद्धि स्थापित की जा सके, वही मानव कल्याण का, विश्वशांति का मार्ग हो सकता है। युगऋषि परम पूज्य पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने वर्तमान युग की समस्याओं के समाधान हेतु बहुत सी पुस्तकें लिखी हैं। उनहीं में से एक पुष्प यह भी है। ... もっと見る

    173 円

  • Vartman Chunautian Aur Yuvavarg (Hindi Self-help)

    वर्तमान चुनौतियाँ और युवावर्ग

    राष्ट्र के प्रत्येक युवा का वर्तमान परिस्थितियों में यही कर्त्तव्य है कि वह अपनी पुरातन संस्कृति से ओतप्रोत अपनी मातृभूमि के उत्थान के लिए कार्य करने वाली वीर संतान बने। वृद्ध लोग सीमित समय के लिए कार्य करते हैं और युवा अनंत समय के लिए। ध्यान रहे सीधे लक्ष्य की ओर बढ़ना है, कमर सीधी कर, दृढ़ होकर अपनी जमीन, अपनी अस्मिता को दृढ़ता से पकड़कर ऊँचे आकाशवत् आदर्शों को देखना है। तभी राष्ट्र निर्माण के लिए स ... もっと見る

    312 円