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  • बचपन के रंग अतुल्या के संग

    बचपन के रंग अतुल्या के संगBy: Dr. Ram Sharan SethCover Design: Mr. Deep BhullarPrinted by: DeepMisti PublicationISBN: 978-81-19108-78-7Pages: 42 ... Læs mere

    23,97 kr.

  • Sukshm aur Vistar

    Manushya ka Swapndosh hi, Prithvi ka Bhukamp hai, Manushya Sukshm hai, Prithvi Vistar hai

    Serier Bog 1 - 1
    """सूक्ष्म और विस्तार""जैसा की पुस्तक के नाम से जो प्रमुख आभाष हो रहा है कि, एक बिंदु पर सूक्ष्म है और एक बिंदु पर विस्तार है, शिवपुराण क रहस्य है की अच्छाई हो या बुराई आप उसका मूल नष्ट नहीं कर सकते हैं। अगर आप परिश्रृमी और पुरुषार्थी है तो कुछ अंश तक उसको परिवर्तित कर सकते हैं, इसी विषय को माध्यम बनाकर सूक्ष्म और विस्तार में जो भी विषय लेखक को लोकाचार्य में आए या समाज या राष्ट्र में जिन प्रमुख म ... Læs mere

    8,02 kr. eller Gratis med Kobo Plus

  • पथ: हम सब

    जीवन में हम सभी किसी ने किसी मंजिल पर पहुंचते हैं तथा उसी के अनुसार कार्य भी करते रहते हैं। यह कार्य कभी उत्थान की ओर ले जाते हैं तो कभी पतन की ओर ले जाते हैं। कवि,लेखक या रचनाकार भी मानव होता है तथा उसमें भी अच्छाइयां और बुराइयां सम्मिलित होती है। वह चाहे और अनचाहे रूप में उसकी रचना में परिलक्षित होती रहती हैं। काव्य संग्रह में सम्मिलित हुई रचनाएं व्यक्तिगत,सामूहिक, पारिवारिक ,सामाजिक, सांप्रदाय ... Læs mere

    7,94 kr.

  • काव्य तरंग

    प्रस्तुत काव्य संग्रह भाषा और शब्द के संयोजन द्वारा विभिन्न शीर्षक के माध्यम से मानवीय भावनाओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। यह हमारे और आपके आस-पास वस्तु, व्यक्ति, स्थान और अन्य बिंदुओं से चाहते और न चाहते हुए भी प्रभावित होते और तद्नुसार करते रहते हैं। जैसा कि काव्य तरंग पुस्तक का नाम हमें प्रतीत कराता है कि जैसे-जैसे हम तरंग के माध्यम से विभिन्न राग सुनते हैं वैसे ही यह पुस्तक अनेक र ... Læs mere

    16,04 kr.

  • Smriti Shesha (Kavy Sangrh)

    प्रस्तावनाहम सभी जानते हैं कि जो शब्द हमारे और आपके द्वारा निकले हुए होते हैं वह कहीं ना कहीं किसी ने किसी के मन को प्रसन्न और दु:खी करते हैं पर परिस्थितियों को देखते हुए हम और आप निश्चित रूप से उन शब्दों का प्रयोग जाने और अनजाने में करते हैं शब्द के अर्थ अपने परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं और हम यह देखते रहते हैं कि नाना प्रकार के भाव हमारे और आपके मन में आते रहते हैं इन भावों को ... Læs mere

    23,97 kr.

  • Bahari Log

    राजी सेठ मानवीय संवेदन को समर्पित कथाकार हैं। वे कथा के रचाव में इतिहास का इतिवृत्त या उत्खनन प्रस्तुत नहीं करतीं, घटनाओं/दुर्घटनाओं के दबाव में मनुष्य जाति के भीतरी बदलाव का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। समय को शब्दशः जीने की चेष्टा में रत वे अपनी कथा में सृजनात्मक स्रोतों का उपयोग मनुष्य जीवन के गहरे अनुभव को समायोजित कर साहित्य को महत्ता, मौलिकता और गहराई प्रदान करती हैं।‘बाहरी लोग’ कहानी-संग्रह म ... Læs mere

    16,56 kr. eller Gratis med Kobo Plus

  • KAVYPUNJ

    ABOUT THE BOOKप्रस्तुत का काव्य संग्रह जीवन में चल रही विभिन्न उठा पटक को ध्यान में रखकर हमारे और आपके मन में चल रही भावनाओं को आधार बनाकर लिखी गई है। जैसा कि संग्रह का नाम ही है काव्य पुंज यह ऐसा पुंज है जिसकी प्रकाश से कोई भी अछूता नहीं रह पाएगा और यह हमारे और आपके चारों ओर हमेशा से ही व्याप्त रहा है जो प्राचीन काल से लेकर आज तक कहीं न कहीं हमारे मन के कोने में यह गुप्त रूप में निवास करता रहता ह ... Læs mere

    793,75 kr. eller Gratis med Kobo Plus

  • Jeev aur Jeevan

    "राम राम,प्रिय,आदरणीय पाठक गण,'जीव और जीवन' को लेखक का लिखने का मूल उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियां ब दिन प्रतिदिन धर्म के नाम पर बढ़ता अंधविश्वास, और सामाजिक वैमनस्यता और बढ़ती जाती जात-पात की कट्टरता, के ऊपर एक सद प्रहार है, धर्म जीवन में जरूरी है पर कितना ? जितना कि मनुष्य के लिए जीने के लिए भोजन की जरूरत है, बस इतना, अधिकता चाहे धार्मिक हो, सामाजिक हो,य फिर राजनैतिक इनकी वेमेल व अंध एकता ,जब ... Læs mere

    8,02 kr. eller Gratis med Kobo Plus