Affichage des résultats pour "prabhat ranjan"
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1905
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हिन्दी में ऐसे लेखक अधिक नहीं हैं जिनकी रचनाएँ आम पाठकों और आलोचकों के बीच सामान रूप से लोकप्रिय हों। ऐसे लेखक और भी कम हैं जिनके पैर किसी विचारधारा की बेड़ी से जकड़े ना हों। मनोहर श्याम जोशी के लेखन, पत्रकारिता को अपने शोध-कार्य का विषय बनाने की ‘रिसर्च स्कॉलर्स’ में होड़ लगी थी। प्रभात रंजन ने न सिर्फ़ जोशी जी के लेखन पर अपना शोध-कार्य बख़ूबी किया, बल्कि उनके साथ बिताए गए समय को इस संस्मरण की शक्ल देकर एक बड़ी ज़िम्मेदारी पूरी की है।“प्रभात ने आत्मीय वृत्तान्त लिखा है।”—भगवती ...
2021
HI
नागासाकी परमाणु हमले में अपने माँ-बाप, दोस्तों-रिश्तेदारों को खो देने के बाद अमन और शांति ने अपनी बचपन की दोस्ती को रिश्ते का रूप देने का निर्णय लिया ताकि दोनों एक-दूसरे का सहारा व संबल बन सकें। दोनों ने कसम ली कि वो दुनिया को समझा-बुझाकर, अपनी व्यथा और दुनिया की दुर्दशा की बात से आश्वस्त करके इस धरती से परमाणु हथियारों की फसल खत्म करेंगे। मगर उन्हें पता नहीं था कि जिस दुनिया में अमन और शांति का राज कायम करने के लिये उन्होंने इतनी बड़ी कसम ली है, उस दुनिया की फितरत कुछ और ही है। आखिरकार, एक...
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 8 -
- Lady Mastram ke Adventures
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26 min
2022
HI
कई बार पिकनिक का बुनिया बनाता कोई और था खा कोई और जाता था। भंग कोई और खाता रंग कोई और जमा लेता। सुमन की प्रेम कहानी मनोज बाबू के साथ जब सुलझती दिखाई देने लगी तो वहीं से वह उलझती दिखाई देने लगती है। कहा ही गया है जब जब जो जो होना है तब तब सो सो होता है।
2,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 2 -
- Lady Mastram ke Adventures
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25 min
2022
HI
क़स्बों के प्यार में उस ज़माने में चिट्ठी का होना बड़ा ज़रूरी होता था। वे किस्मत वाले होते थे जो आपस में मिल जल पाते थे, लेकिन उनकी चिट्ठियाँ आपस में मिलती जुलती रहती थीं। लेकिन असली चुनौती होती थी पहली चिट्ठी लिखने की। घर में छुप छुपाकर लिखना और निरापद अपने मंज़िल तक पहुँचा देना- लिखती हूँ खून से स्याही न समझना/ दिल से प्यार करती हूँ जाली ना समझना!
2,99 €
- Lu par
- Nandkishore Panday
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5 heures 49 min
2018
HI
कथाकार प्रभात रंजन का यह पहला कहानी-संग्रह है| इन कहानियों में आज की वास्तविकता के प्रति एक वयस्क व्यंग्यबोध है। इन कहानियों के केंद्र में आज का युवा समुदाय है जो अक्सर छोटे कस्बों से महानगरों की ओर उच्चशिक्षा या रोजगार की तलाश में आया है। (C) 2018 Vani Prakashan
6,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 6 -
- Lady Mastram ke Adventures
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26 min
2022
HI
ऐसा चमत्कार किसी किसी दिन हो जाता था जब प्रेमी-प्रेमिका के मिलन का सुखद संयोग ऐसे बन जाता जैसे मुँहमाँगी मुराद मिल गई हो। लेकिन कई बार फोन की घंटी भी ख़तरे की घंटी की तरह बज जाती थी। सुमन को उस दिन वुमन होने का मौका तो मिला लेकिन शंका के विलेन ने घंटी बजा दी। दोनों विश्राम से सावधान की मुद्रा में आ गए और अपनी अपनी जुदाई के एकांत में भाग गए।
2,99 €
- Lu par
- Sunita Sharma
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5 heures 58 min
2018
HI
वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रसिद्ध लेखक प्रभात रंजन लघु प्रेम की बड़ी कहानियाँ 'कोठगोई : चतुर्भुज स्थान के किस्से' पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज़ अली का कहना है – "बोरिंग चीज़ें नहीं चलती, जिनमें रस होता है वही चलती हैं, वही देर तक मौजूद रहती हैं। कोठों की किस्सागोई मुल्क के बदलते वक़्त का दिलचस्प और यादगार मकाम है। किस्से गुमनाम गायिकाओं के हैं। जिनको समाज ने बदनाम कहा। लेकिन उनकी श्रेष्ठ कला को लोग भूलते जा रहे हैं। उन बदनाम कही जाने वाली गायिकाओं की विरासत को एक सलाम है 'कोठगोई...
6,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 1 -
- Lady Mastram ke Adventures
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28 min
2022
HI
एक जमाना था जब किरायेदार मकान मालिक की लड़की के लिए प्रेम-उम्मीद की पहली किरण होते थे। सुमन और मनोज बाबू की प्रेमकहानी की आग इसी से लगी। वे किरायेदार बनकर सुमन के घर में रहने आए और सुमन के मुरझाए जीवन में हरियाली आ गई। आग में घी डालने का काम किया बोरोलीन ने। बोरोलीन लेते-देते दूरियाँ नज़दीकियों में बदल गई और शुरुआत हुई एक रोमांचक प्रेम कहानी की।
2,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 4 -
- Lady Mastram ke Adventures
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27 min
2022
HI
प्यार मंदिर में किया जाए या सिनेमा हॉल में विघ्न डालने वाले पहुँच ही जाते थे। प्रेमी के डाल डाल में पात-पात की तरह वे लड़के होते थे जो गली-गली, चौक-चौक ऐसे लड़के लड़कियों पर नज़र रखते थे जो प्रेमी-प्रेमिका हो सकते थे। मनोज बाबू और सुमन ने योजना बहुत चाक चौबंद बनाई लेकिन भाँपने वाले भाँप ही गए। उन लड़कों के भाँपते ही प्रेमी-प्रेमिका भी भाँप गए। समाज और प्रेम की लुकाछिपी में प्रेम समाज को एक बार फिर मात देने में कामयाब रहा।
2,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 5 -
- Lady Mastram ke Adventures
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26 min
2022
HI
प्रेम में सखियों का बड़ा महत्व होता था। सखी ही बाधा को पार करना सिखाती थी। अगर सखी अनुभवी हो तो ऐसे मौक़ों पर वह अनुभव मदद माँगने गई सखी के काम आता था। प्रेम होता दो में था लेकिन अक्सर तीसरे के बिना उसका आगे बढ़ पाना संभव नहीं हो पाता था। संकट से उबरने के लिए नायिका सुमन ने अपनी सबसे प्रिय सहेली को याद किया। उसने याद किया और सहेली मधुलिका दौड़ी चली आई!
2,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 3 -
- Lady Mastram ke Adventures
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26 min
2022
HI
मंदिर, हनुमान जी, मंगलवार, शनिवार का प्यार में बहुत महत्व होता था। यह अलग बात है कि इस कहानी में मंदिर के साथ शुक्रवार का संयोग बना है। मंदिर पवित्र प्रेम का पहला मिलन स्थल होता था। ईश्वर को साक्षी मानकर कई बार लड़के-लड़की मंदिर में शादी तक कर लेते थे। लेकिन इस कहानी में ऐसा कुछ नहीं है। नायिका का व्रत है और नायक का प्रसाद माँगने पहुँचने की भूमिका।
2,99 €
- Lu par
- Ila Joshi
- Livre audio 10 -
- Lady Mastram ke Adventures
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27 min
2022
HI
जीवन कहानी बन जाता है और कहानी जीवन। सुमन के साथ वही हुआ। उसका प्यार कुल जमा 15 चिट्ठियों और पाँच मुलाक़ातों में सिमट गया। जबकि वह समझती थी कि एक दिन वह उस गाड़ी में सवार होगी जिसके आगे पीछे लिखा रहेगा- सुमन वेड़्स मनोज। यह पूरी प्रेम कहानी अधूरी रह गई। सुमन की आकांक्षाएँ अधूरी राह गई लेकिन उसकी सहेली मधुलिका की?
2,99 €











