Mostrando resultados para "devkinandan katri"
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- Narrado por
- Vijay Vikram Singh
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10 horas 38 min
2017
HI
चन्द्रकांता संतति भाग ५ मैं लीला भी एक मुख्य पात्र हैं शिवदत्त और कल्यानसीह ने जब रोहतगढ पर चढ़ाई की तब उनके साथ मनोरमा और माधवी भी मौजूद थी भूतनाथ और सूर्यसिंह ने शिवदत्त और कल्यानसीह को धमकाकर मनोरमा को तो गिरफ़्तार किया लेकिन माधावी को हाथ न लगा सके यहाँ चपला , कुबेरसिंह ,माया ,लीला एक्से एक अय्यार मिलेंगे इंद्रजितसिह ,और आनंदसिह तिलिस्म तोड़नेकी धूनमें तिलिस्म का राज जानना चाहते हैं और वो डोनो उसकी दीवार तोड़ देते हैं
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- Narrado por
- Vijay Vikram Singh
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10 horas 18 min
2017
HI
चन्द्रकांता संतति भाग ६ मैं राजा विरेंद्रसिह ,इंद्रजितसिह, और आनंदसिह अपने औरतोंके साथ तिलिस्म मैं रहकर उसके बाद रोहतागढ के तहखाने कि भी सैर करते हैं और अंत मैं खूशि -खूशी अपना जीवन व्यतीत करते हैं
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- Vijay Vikram Singh
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10 horas 33 min
2017
HI
चन्द्रकांता संतति भाग २ में चन्द्रकांता के बेटे इंद्रजीत सिंह और आनंद सिंह और उनके अय्यरोके साहसपूर्ण प्रसंग दर्शित किए हैं इस भाग मैं हमारे सामने नई नई व्यक्तीरेखा उमड़ती हैं जैसे भूतनाथ ,कमलिनी ,राजा गोपाल सिंग्जी इत्यादि इस भाग मैं हमें साहस, धाडस, और नाटकीय अंददाज मिलेंगे
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- Vijay Vikram Singh
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11 horas 31 min
2017
HI
देवकीनंदन खत्री द्वारा लिखित 'चन्द्रकांता संतति' - भाग १ में चन्द्रकांता और विरेंद्रसिंह की शादी हो जाती हैं. दो साल बाद चन्द्रकांता एक बेटे को जन्म देती हैं उसका नाम हैं इंद्रजितसिंह उसके तीन साल बाद आनंदसिंह का जन्म होता हैं चपला और चम्पा की भी शादी अय्यरोके साथ हो जाती हैं चपला को भैरोसिंह और चम्पा को तारसिंह नामक पुत्र होते हैं इन चारों पुत्रोंको जितसिंह की शगिर्दी मिलती हैं शिवदत्त अय्यारी करके इंद्रजीत और आनंदसिह को क़ैद करना चाहता हैं यहाँ माधवी जो मायावती की बेटी हैं वो इंद्रजीत को...
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- Vijay Vikram Singh
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11 horas 22 min
2017
HI
चन्द्रकांता संतति भाग ४ मैं एक जममनिया तिलिस्म हैं भूतनाथ क़ैद से मुक्त होकर लामाघटि निकलता हैं और वह गोपालसिंह के पास जाकर किशोरी कमलिनी ,लक्ष्मीदेवी, भगवानिया, श्यामसुंदरसिंह, बलभद्रसिंह, के हाल सुनकर जो कुछ रोहतगढ मैं घाटा वह बताता हैं लक्ष्मीदेवी की माँ को ज़हर देकर मारा जाता हैं और उसे शादी के बाद अय्यारिसे अजब बाहर कोठिमैबंद किया जाता हैं यह एक अय्यारिका जिता जागता नमूना हैं
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11 horas 21 min
2017
HI
चन्द्रकांता भाग ३ मैं ख़तरजी हमें एक जादुई दुनियामें लेके जाते हैं इस भाग मैं इंद्रजीत सिंह ,आनंद सिंह ,तेजसिह यह मुख्य पात्र नज़र आते हैं यहा हम अन्दाज़ लगा सकते है की इंद्रजीत उद्यान मैं घूमते घूमते उन्हें जादुई दुनिया के चौथे दरवाज़े का रास्ता मिल जाता हैं और वे वह कैसे पहुँचते हैं यह सब जादुई , नाटकीय ,शौर्य ,और साहस से भरी उपन्यास हैं
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