Mostrando resultados para "dharmraj"
Mostrando 1 - 10 de 10 resultados
El contenido para adultos es visible.
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 3 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
13 min
2021
HI
इसके पहले कि हम किसी के प्रति गहरे समझते सम्बंध को अंततोगत्वा ओछेपन में पावें, क्या यह उचित न होगा कि हम इस तथ्य की छानबीन करें कि, हम क्या हैं! क्या हम और हमारा जीवन गहरे पैठा हुआ है. क्यूँकि जो हम होंगे, उसी ढंग से उसी तल तक हमारी दृष्टि होगी. जैसा हमारा जीवन होगा, जैसी हमारी समझ होगी, ठीक वैसे ही हमारे सम्बंध निर्मित होंगे. प्रस्तुत अध्याय में हम एक तरफ़ अपने वर्तमान सतही ओछे जीवन की संरचना को समझ रहे हैं, साथ ही साथ दूसरी तरफ़ ऐसे जीवन का भी पता लगा रहे हैं, जो अतल गहराई लिए हुए है।
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 1 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
14 min
2021
HI
चिंता को सही ग़लत या सम्यक् ठहराने से पहले क्यूँ न हम यह सवाल उठाएँ कि, जिस जीवन में चिंता उभर कर प्रकट होती है, वह जीवन क्या है? उसकी संरचना, उसकी प्रकृति क्या है. चिंता अथवा सम्भावित ख़तरा न होने पर भी क्या वह जीवन दुःख से, संताप से मुक्त है भी? कहीं ऐसा तो नहीं कि, चिंता उस वृक्ष में अनिवार्य फल के रूप में लगती है, जिसे हम जीवन समझते हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि चिंता बाहर से आरोपित होने के बजाय उसी वृक्ष की पूरी संरचना में से ही पैदा होती है, जिसे हम जीवन समझते हैं. उसके कारण भले बाहर से क...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 5 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
20 min
2021
HI
अक्सर हमें अपनी घातक जीवन शैली का तब पता चलता है, जब जीवन हाथ से बाहर हो जाता है. चुनौती सामने आने पर नाम देते ही हमारे चित्त में अवसाद के नाम पर वह सब जो हमने पढ़ा है, जो इससे जूझते हुए लोगों को देखा है, उस सबकी भयावहता हमारी चुनौती के साथ जुड़ जाती है. इस नामकरण से हम अपनी चुनौती को अनजाने ही एक बड़ी समस्या के रूप में समझ बैठते हैं. यदि हम अवसाद शब्द को और उसके पीछे जो हमारे चित्त में एक धारणा है उसे पोंछ दें, तो हमारा जीवन हम और वह चुनौती जिसे पहले अवसाद नाम दिया जाता रहा है, अलग अलग नह...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 6 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
12 min
2021
HI
बजाय शोक में डूबकर जीवन समाप्त करने की कामना करने के, क्या आप यह न देखना समझना चाहेंगे कि जीवन क्या है ?, क्या आप अभी जो घट रहा है, उसे जी रहे हैं? जो घट रहा है, उसमें बिल्कुल दाँत जमाए उसको अपने जीवन में होशोहवास में घटने दे रहे हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि जो घट रहा है, उसे शोक नाम देकर, पुरानी स्मृतियों की जुगाली कर आप उस जीवन्त चीज़ से बच रहे हैं, जो अभी और यहीं है. शोक के रूप में सघन दुःख की ओर अनायास बढ़ती हमारे जीवन की शैली को परखता यह अध्याय ऐसे जीवन को भी अनायास हमारे सामने कर रहा है,...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 2 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
16 min
2021
HI
दुविधा का जन्म तब होता है, जब हम जीवन को सही उत्तर देने की कला को खो देते हैं. जब हम 'जो है' उस तथ्य के विपरीत एक छद्म, झूठा जीवन गढ़ लेते हैं, तो दुविधा का जन्म अपने आप हो ही जाता है. जब हमारा जीवन तथ्य के कदम से कदम मिलाकर नहीं बढ़ता बल्कि योजनाओं में, ख़्यालों में सरकने लगता है, तब उन ख़्यालों के 'विपरीत' गढ़ लिए जाते हैं जिनके बीच चुनाव की दुविधा का जन्म हो जाता है. इस अध्याय में हम साथ साथ चलते हुए दुविधा की संरचना को ऐसे समझने का प्रयत्न करेंगे, जिससे दुविधा का हमारे जीवन से जड़ से अ...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 8 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
15 min
2021
HI
जीवन अनिश्चितता का दूसरा नाम है. शायद यही इसकी महिमा भी है. सब कुछ निश्चित हो जाने पर वह ऐसी कब्र जैसा हो जाता है, जहाँ सब कुछ हमेशा के लिए निश्चित हो गया है. महामारी से कितनी भी अव्यवस्था पैदा हुई हो लेकिन अभी भी हम इस तल तक प्रकृति को नष्ट नहीं कर पाए हैं कि, प्रकृति हमें पालपोस न सके. हालांकि हमारी तैयारी पूरी है कि हम अपनी मूढ़ताओं के फलस्वरूप होने वाले युद्धों में पूरी पृथ्वी को ही नष्ट कर बैठें. जीवन में जिस अनिश्चितता के सौभाग्य को हमने भूल से दुर्भाग्य समझ लिया है, उसे ही उसकी भरी ...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 7 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
15 min
2021
HI
वैज्ञानिक भी अब इस बात से सहमत हैं कि, जिस तरह से हम जी रहे हैं, उसमें भय अनिवार्य रूप से पिरोया हुआ है. बिना भय के तो जीवन की वह कल्पना भी नहीं कर सकते. भय को मापने के यंत्र माइक्रोमोड से जब वे मापते हैं तो पाते हैं कि, जीवन की हर गतिविधि में भय है. खाने में, चलने में यहाँ तक कि सोने में भी भय है. इन सब भय के पीछे हमारा ज्ञान बैठा हुआ है. हमारे मन मस्तिष्क को यह सूचना है कि, बहुत सारे लोग खाते हुए, चलते फिरते या बैठे हुए मर जाते हैं. चूँकि सोते सोते भी कुछ लोग मर जाते हैं इसलिए वह यंत्र स...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 9 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
16 min
2021
HI
यदि हम गहराई से देखें तो पाएँगे कि, जिस तरह से मनुष्य चेतना विकसित हुई है और मौजूदा स्वरूप में विद्यमान है, उसमें मनुष्य मात्र असुरक्षित है. चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में रहता हो. दुनिया का कोई भी मनुष्य बाहर से कितना भी सभ्य-असभ्य, अमीर-गरीब दिख रहा हो, भीतर एक ही मनुष्य चेतना को जी रहा होता है. चेतना तो आकाश से भी सूक्ष्म और व्यापक है. उस चेतना का बुनियादी ढंग है केंद्र बनाकर गति करना. हर व्यक्ति इस एक प्रथम ख़्याल के साथ ही स्वयं के होने को समझ पाता है कि, वह है. साथ ही सभी चर अचर ...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 4 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
16 min
2021
HI
निकट होना, निकट से भी निकट होना सम्बंध नहीं है. यह सम्बंध के नाम पर गहरा से गहरा धोखा है, जिसे हम इंसान न जाने कब से निभाते चले आ रहे हैं. निकट होना वस्तुतः दूर जाने का पहला कदम है. यह शायद अस्तित्व के बड़े नियमों में से एक है. जो भी जीवंत चीज़ जितना निकट आएगी, उतनी ही उससे दूर जाने की प्रवृत्ति बढ़ती जाएगी. जितनी तीव्रता से निकट आएगी, उतनी तीव्रता से दूर भी हो जाएगी. तभी तो जितने गहरे तथाकथित प्रेमी होते हैं, उतनी ही गहराई से एक दूसरे के प्रति नफ़रत भी पैदा हो जाती है. हम निकट होना भर जान...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN
- de
- Dharmraj
- Narrado por
- Lalit Agarwal
- Audiolibro 10 -
- Corona Mahamari ke Paath
No reducido
17 min
2021
HI
जीवन अपनी पूरी महिमा में पूरी गहराई, ऊँचाई, सौंदर्य, प्रसाद और आनंद के साथ सदा यहीं विद्यमान है. उसका किसी से कोई भेदभाव नहीं है. हम बस उसकी तरफ़ नज़रें फेरे बैठे हैं. इसमें ऐसा नहीं कि, कोई वास्तविक दिशा है, जिस ओर जीवन से हम नज़र फेरकर बैठे हैं. यह दुःख का जीवन बस हमारा ख़्याल है. यह बेहोशी के रूप में एक ढंग है, जो हमें सत्य जीवन से विमुख किए है. हम सिर्फ़ यह जान सकते हैं, कि हम बेहोश हैं. इसका अर्थ ऐसा नहीं कि, हम पर बेहोशी छाई है, हम ही बेहोशी हैं. बेहोशी से होश में आने का सीधा कोई रास...
Old Price:$75.00 MXNSale Price:$65.00 MXN









