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पचास से अधिक वर्षों तक भारतीय राजनीति और समाज को बेहद क़रीब से देखने-समझने वाले यशस्वी पत्रकार मार्क टली की दूसरी कथाकृति है—धीमीवालीफ़ास्ट**पैसेंजर। इस किताब की कहानियों के लिए वह एक बार फिर अपनी मशहूर बेस्टसेलर, दहार्टऑफ़**इंडिया के इलाक़े में लौटते हैं, और हमें बीती सदी के आठवें दशक के उस दौर में ले जाते हैं, जब भारत चौराहे पर था और आर्थिक उदारीकरण की बयार बहने वाली थी।पूर्वी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण दुनिया को रेखांकित करती ये क...
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राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? अच्छा राष्ट्रवादी कौन है? अगर आप सरकार की आलोचना करें तो क्या आपको राष्ट्रद्रोही मान लिया जाए? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो आजकल की ज़्यादातर बहसों में हावी रहते हैं? लेकिन ये बहसें नई नहीं हैं। आज राष्ट्रवाद के बारे में सबसे ऊपर सुनाई देनेवाली आवाज़ें ज़रूर हमें यह विश्वास दिलाने पर आमादा हैं कि भारतीय राष्ट्रवाद एक संकीर्ण, संकुचित और दूसरे लोगों और संस्कृतियों से भयभीत कोई चीज़ रहा है और आज भी ऐसा ही है, लेकिन भारत के सबसे प्रबुद्ध और सुलझे...
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